Alka Yagnik
Ghanan Ghanan
[Intro]
घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन
घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन
घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन
घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन

[Chorus]
घनन-घनन, घिर-घिर आए बदरा
घने, घनघोर, कारे छाए बदरा
धमक-धमक, गूँजे बदरा के डंके
चमक-चमक, देखो, बिजुरिया चमके
मन धड़काए बदरवा, मन धड़काए बदरवा
मन-मन धड़काए बदरवा

[Verse 1]
काले मेघा, काले मेघा, पानी तो बरसाओ
काले मेघा, काले मेघा, पानी तो बरसाओ
बिजुरी की तलवार नहीं बूँदों के बाण चलाओ
मेघा छाए, बरखा लाए, घिर-घिर आए, घिर के आए

कहे ये मन मचल-मचल
ना यूँ चल सँभल-सँभल
गए दिन बदल, तू घर से निकल
बरसने वाला है अब अमृत जल
दुविधा के दिन बीत गए, भैया, मल्हार सुनाओ
[Chorus]
घनन-घनन, घिर-घिर आए बदरा
घने, घनघोर, कारे छाए बदरा
धमक-धमक, गूँजे बदरा के डंके
चमक-चमक, देखो, बिजुरिया चमके
मन धड़काए बदरवा, मन धड़काए बदरवा
मन-मन धड़काए बदरवा

[Verse]
रस अगर बरसेगा, कौन फिर तरसेगा?
कोयलिया गाएगी बैठी मुंडेरों पर
जो पंछी गाएँगे, नये दिन आएँगे
उजाले मुस्कुरा देंगे अँधेरों पर

प्रेम की बरखा में भीगे-भीगे तन-मन
धरती पे देखेंगे पानी का दर्पण
जईयो तुम जहाँ-जहाँ
देखियो वहाँ-वहाँ
यही एक समाँ कि धरती यहाँ
है पहने सात रंगों की चुनरिया

[Chorus]
घनन-घनन, घिर-घिर आए बदरा
घने, घनघोर, कारे छाए बदरा
धमक-धमक, गूँजे बदरा के डंके
चमक-चमक, देखो, बिजुरिया चमके
मन धड़काए बदरवा, मन धड़काए बदरवा
मन-मन धड़काए बदरवा
[Bridge]
पेड़ों पर झूले डालो और ऊँची पेंग बढ़ाओ
काले मेघा, काले मेघा, पानी तो बरसाओ
काले मेघा, काले मेघा, पानी तो बरसाओ
बिजुरी की तलवार नहीं बूँदों के बाण चलाओ

[Verse 3]
आई है रात मतवाली बिछाने हरियाली
ये अपने संग में लाई है सावन को
ये बिजुरी की पायल, ये बादल का आँचल
सजाने लाई है धरती की दुल्हन को
डाली-डाली पहनेगी फूलों के कंगन
सुख अब बरसेगा आँगन-आँगन

खिलेगी अब कली-कली
हँसेगी अब गली-गली
हवा जो चली तो रुत लगी भली
जला दे जो तन-मन वो धूप ढली

[Pre-Chorus]
घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन
काले मेघा, काले मेघा, पानी तो बरसाओ
पानी तो बरसा
बिजुरी की तलवार नहीं बूंदों के बाण चलाओ
बूँदों के बाण चलाओ
[Chorus]
घनन-घनन, घिर-घिर आए बदरा
घने, घनघोर, कारे छाए बदरा
धमक-धमक, गूँजे बदरा के डंके
चमक-चमक देखो

[Outro]
घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन
घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन
घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन, घन-घनन-घनन