Jeet Gannguli
Arijit Singh - Aasan Nahin Yahan (Hindi Version)
वो... वो...

आसां नहीं यहाँ आशिक़ हो जाना
पलकों पे काँटों को सजाना
आशिक़ को मिलती है ग़म की सौगातें
सबको ना मिलता ये ख़जाना
वो... वो... वो...

बातों से आगे, वादों से आगे
देखो ज़रा तुम कभी
ये तो है शोला
ये है चिंगारी
ये है जवाँ आग भी
ओ... वो... वो... वो...

जिस्मों के पीछे भागे हो फिरते
उतरो कभी रूह में
होता क्या आशिक़
क्या आशिक़ी है
होगी ख़बर तब तुम्हें
ओ... वो... वो... वो...