Panchvati Manbhavan Upvan

[Intro]
पंचवटी मन-भावन उपवन
पंचवटी मन-भावन उपवन
जिस उपवन में मन को मोहे
श्री रघुवर की चितवन

[Chorus]
मोहक चितवन
सुंदर चितवन

[Instrumental-break]

[Verse 1]
कोमल कलियाँ खिल-खिल जाएँ
लता वृक्ष से मिल-मिल जाए
दादुर, मोर, पपीहा गाए
मधुर-मधुर स्वर हर पल

[Chorus]
मधु-स्वर हर पल
मधु-स्वर हर पल

[Verse 2]
टूट गए पिंजरे के बंधन
मुक्त हुए पंछी के गुंजन
टूट गए पिंजरे के बंधन
मुक्त हुए पंछी के गुंजन
मोहक मंद सुगंध पवन से
महक रहा है मधुबन
[Chorus]
प्यारा मधुबन
मेरा मधुबन

[Instrumental-break]

[Verse 3]
मन आनंदित, पुलकित काया
चंदनवट की शीतल छाया
साजन के संग इस उपवन में
लौट के आया बचपन

[Outro]
पंचवटी मन-भावन उपवन
प्यारा उपवन