Jadu Hai Nasha Hai

जादू है, नशा है, मदहोशियाँ
तुझको भुला के अब जाऊँ कहाँ?
जादू है, नशा है, मदहोशियाँ
तुझको भुला के अब जाऊँ कहाँ?

देखती हैं जिस तरह से तेरी नज़रें मुझे
मैं ख़ुद को छुपाऊँ कहाँ?
जादू है, नशा है, मदहोशियाँ
तुझको भुला के अब जाऊँ कहाँ?

देखती हैं जिस तरह से तेरी नज़रें मुझे
मैं ख़ुद को छुपाऊँ कहाँ?
जादू है, नशा है, मदहोशियाँ
तुझको भुला के अब जाऊँ कहाँ?

ये पल है अपना, तो इस पल को जी ले
शोलों की तरह ज़रा जल के जी ले
पल झपकते खो ना जाना
छू के कर लूँ यकीं, ना जाने पल ये पाए कहाँ

जादू है, नशा है, मदहोशियाँ
तुझको भुला के अब जाऊँ कहाँ?

बाँहों में तेरी यूँ खो गए हैं
अरमाँ दबे से जगने लगे हैं
जो मिले हो आज हम को, दूर जाना नहीं
मिटा दो सारी ये दूरियाँ
जादू है, नशा है, मदहोशियाँ
तुझको भुला के अब जाऊँ कहाँ?
देखती हैं जिस तरह से तेरी नज़रें मुझे
मैं ख़ुद को छुपाऊँ कहाँ?