1 ContributorTranslationsRomanizationBandhu 2.0 Lyrics[Kavita Seth & Neeraj Shridhar "Bandhu 2.0" के बोल]

[Intro: Kavita Seth]
(सदके, सदके, सदके, सदके)

[Verse 1: Kavita Seth]
यारा, तेरे सदके इश्क़ सिखा
मैं तो आई जग तज के, इश्क़ सिखा
मैं तो, यारा, तेरे सदके इश्क़ सिखा
मैं तो आई जग तज के, इश्क़ सिखा

[Pre-Chorus: Kavita Seth]
जब यार करे परवाह मेरी
मुझे क्या परवाह इस दुनिया की
जग मुझ पे लगाए पाबंदी
मैं हूँ ही नहीं इस दुनिया की

[Chorus: Neeraj Shridhar]
तुम ही दिन चढ़े, तुम ही दिन ढले
तुम ही हो बंधु, सखा तुम ही
तुम ही दिन चढ़े, तुम ही दिन ढले
तुम ही हो बंधु, सखा तुम ही
Every time, every minute of the day
तुम ही हो बंधु, सखा तुम ही
तुम ही दिन चढ़े, तुम ही दिन ढले
तुम ही हो बंधु, सखा तुम ही

[Post-Chorus: Neeraj Shridhar]
तुम ही हो बंधु, सखा तुम ही
तुम ही दिन चढ़े, —दिन ढले
तुम ही हो बंधु, सखा तुम ही

[Verse 2: Kavita Seth]
दिल की तख़्ती पर हूँ लिखती इश्क़ा, इश्क़ा
जग क्या जाने दिल को मेरे इश्क़ा किसका
दिल की तख़्ती पर हूँ लिखती इश्क़ा, इश्क़ा
जग क्या जाने दिल को मेरे इश्क़ा किसका

[Pre-Chorus: Kavita Seth]
लग यार गले, ले सार मेरी
मुझे क्या परवाह इस दुनिया की
तू जीत मेरी, जग हार मेरी
मैं हूँ ही नहीं इस दुनिया की

[Chorus: Neeraj Shridhar]
तुम ही दिन चढ़े, तुम ही दिन ढले
तुम ही हो बंधु, सखा तुम ही
तुम ही दिन चढ़े, तुम ही दिन ढले
तुम ही हो बंधु, सखा तुम ही
नहीं होश, तू मुझे थाम ले
तुम ही हो बंधु, सखा तुम ही
तुम ही दिन चढ़े, तुम ही दिन ढले
तुम ही हो बंधु, सखा तुम ही

[Post-Chorus: Neeraj Shridhar]
तुम ही हो बंधु, सखा तुम ही