पलकों पे बैठी रहो
जो भी है दिल में वो कहती रहो
हर पल में साँसें भी तेरी सुनूँ
इश्क़ तुम मुझसे ही करती रहो
मेरी तो नज़रों की आदत है तू
तू मेरी होके भी चाहत है तू
तू मेरा हो गया, इतना ही काफ़ी है
दिल मेरा जुड़ गया तुमसे, ये काफ़ी है ना?
काफ़ी है ना?
हाँ-हाँ-हाँ, तू मेरा हो गया, इतना ही काफ़ी है
दिल मेरा जुड़ गया तुमसे, ये काफ़ी है ना?
हाँ, काफ़ी है ना?

क्या काफ़ी है दिल में जो कह देना?
तुमसे दिन है, तुमसे ही है रैना
हो गया ये कैसे, हो गई मैं ऐसे
हर पल इश्क़ मेरा गहरा हो रहा
तू मेरा हो गया, इतना ही काफ़ी है
दिल मेरा जुड़ गया तुमसे, ये काफ़ी है ना?
काफ़ी है ना?
हाँ-हाँ-हाँ, तू मेरा हो गया, इतना ही काफ़ी है
दिल मेरा जुड़ गया तुमसे, ये काफ़ी है ना?
हाँ, काफ़ी है ना?